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Sunday, May 17, 2020

NCERT Class 11 maths solutions I CBSE Class 11 answers

NCERT Class 11 maths solutions I CBSE Class 11 answers

NCERT Class 11 maths solutions, CBSE Class 11 answers
CBSE Class 11 answers of mathematics

Now there is no need to take tension of solutions of class 11 mathematics. Here you can get all solutions of mathematics.These maths notes for class 11 have been designed in the most simple and precise format covering almost all the domains like differential calculus, algebra, trigonometry and coordinate geometry. Preparing from these notes could help the students to fetch excellent marks in their class 11th as well as competitive examinations like JEE Mains and JEE Advanced. The CBSE notes that we are offering will help the students to grasp any concept quickly and revise thoroughly before the exams. These notes have been created by subject experts and offer a huge advantage as students will be fully prepared to tackle any type of questions that may be asked in the exams.



NCERT Class 11 solutions CBSE

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NCERT Class 11 maths solutions


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Fractions (भिन्न) and Types of Fraction

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RS Aggarwal Book
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वर्ग एवं वर्गमूल के सवाल एवं सूत्र – Square And Square Roots

वर्ग एवं वर्गमूल के सवाल एवं सूत्र – Square And Square Roots


वर्ग एवं वर्गमूल (Square And Square Roots)-  इस अध्याय के अंतर्गत संख्याओं के वर्ग एवं वर्गमूल से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते है जिनमे वर्ग मूल वाली संख्या का दोहरा वर्ग मूल ज्ञात करना किसी संख्या का वर्गमूल देकर कोई व्यंजक ज्ञात करना आदि प्रमुख है। इस प्रकार के प्रश्नो को हल करने के लिए मूल अवधारणाओं की जानकारी होना आवश्यक है।

वर्ग (Square)- किसी संख्या को स्वयं से ही गुणा करने पर प्राप्त संख्या दी गई संख्या का वर्ग कहलाती है।  जैसे 5 का वर्ग = 5×5 =25

वर्गमूल (Square Roots)- किसी संख्या का वर्गमूल वह संख्या है, जिसे अपने से ही गुणा करने पर दी गई संख्या प्राप्त होती है या किसी दी गई संख्या का वर्गमूल वह संख्या है जिसका वर्ग उस दी गई संख्या के बराबर है।  इसे ‘√’ चिन्ह से प्रदर्शित करते है।  जैसे √16 = √4 x 4 = 4 तथा 4 का वर्ग 4 x 4 = 16 होता है। 

वर्ग एवं वर्गमूल  – Square And Square Roots
वर्ग एवं वर्गमूल के सवाल एवं सूत्र – Square And Square Roots 

संयुग्मी की गुणा

जब कोई संख्या 1 / √a – √b के रूप मे दी गई हुई होती है तो उसमे विपरीत चिन्ह वाली संख्या अर्थात संयुग्मी के 1 / √a + √b की गुणा अंश तथा हल दोनों मे कर देते है।

Square And Square Roots Problems Solve in Hindi

याद रखने वाली योग्य बाते ….

  • यदि किसी संख्या के अंको की संख्या सम ( माना m ) हो , तो उसके वर्गमूल मे अंको की संख्या [m / 2] होती है।
  • यदि किसी संख्या के अंको की संख्या विषम ( माना n ) हो, तो उसके वर्गमूल मे अंको की संख्या [m+1 / 2] होती है।
  • किसी संख्या का पूर्ण संख्यात्मक वर्गमूल तभी संभव है जब उस संख्या के इकाई अंक 0 , 1 , 4 , 5 या 9 मे कोई एक हो.

Saturday, May 16, 2020

Fractions (भिन्न) I Types of Fraction

Fractions भिन्न I Types of Fraction

Fractions भिन्न

यदि किसी संख्या को p/q के रूप में जहाँ p और q पूर्णांक हैं तथा q ≠ 0 लिखा जाये तो ऐसी संख्या को भिन्न कहते हैं। भिन्न में भाज्य को एक रेखा के उपर तथा भाजक को रेखा के नीचे लिखा जाता है, ऊपर की संख्या अर्थात भाज्य को अंश तथा नीचे की संख्या अर्थात भाजक को हर कहा जाता है। 1/3, 4/5, 6/7आदि भिन्न के उदाहरण हैं जिसमें 1, 4 , 6 अंश तथा 3, 5, 7 हर हैं।

Fractions भिन्न I Types of Fraction
Fractions (भिन्न) and Types of Fraction

Types Of Fractions भिन्नों के प्रकार

उचित भिन्न: यदि भिन्न का अंश हर से कम हो, तो भिन्न को उचित भिन्न कहते हैं।

जैसे- 2/3, 5/6, 11/10 …. इत्यादि।

अनुचित भिन्न: यदि भिन्न का अंश हर से बड़ा हो तो भिन्न को अनुचित भिन्न कहते हैं।

जैसे- 2/3, 5/6, 8/7 …. इत्यादि।

मिश्र भिन्न: यदि भिन्न एक पूर्णांक तथा भिन्न से मिलकर बनी हो तो भिन्न को मिश्र भिन्न कहते हैं।

जैसे –     …. इत्यादि।

मिश्रित भिन्न: यदि अंश या हर या दोनों भिन्न हो, तो भिन्न को मिश्रित भिन्न कहते हैं।

जैसे-     …. इत्यादि।

दशमलव भिन्न: वे भिन्न जिनके हर 10, 10² या 10³ इत्यादि हो, तो दशमलव भिन्न कहलाते हैं।

जैसे-     …. इत्यादि।

वितत भिन्न: सामान्य तौर पर किसी भिन्न के हर या कभी-कभी अंश में किसी संख्या के जोड़ने या घटाने से बनने वाले भिन्न को वितत भिन्न कहते हैं।

जैसे-    …. इत्यादि।

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Number System (संख्या पद्धति)

Number System (संख्या पद्धति) I maths chapter number system)

What is number system (संख्या पद्धति) ?

A number system is a system of writing for expressing numbers. It is the mathematical notation for representing numbers of a given set by using digits or other symbols in a consistent manner. It provides a unique representation to every number and represents the arithmetic and algebraic structure of the figures. It also allows us to operate arithmetic operations like addition, subtraction, and division.

Number System (संख्या पद्धति)

Number System (संख्या पद्धति) 



प्राकृत संख्याएँ: वस्तुओं को गिनने के लिए जिन संख्याओं का प्रयोग किया जाता है, उन संख्याओं को गणन संख्याएँ या प्राकृत ‘संख्याएँ’ कहते हैं।

जैसे- 1, 2, 3, 4, 5, ………..


पूर्ण संख्याएँ: प्राकृत संख्याओं में शून्य को सम्मिलित करने पर जो संख्याएँ प्राप्त होती हैं उन्हें ‘पूर्ण संख्याएँ’ कहते हैं।

जैसे- 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ………….

पूर्णांक संख्याएँ: प्राकृत संख्याओं में शून्य एवं ऋणात्मक संख्याओं को भी सम्मिलित करने पर जो संख्याएँ प्राप्त होती हैं, उन्हें ‘पूर्णांक संख्याएँ’ कहते हैं।

जैसे- ……… -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3, ……

सम संख्याएँ: वे संख्याएँ जो 2 से पूर्णतः विभाजित हो जाती हैं उन्हें ‘सम संख्याएँ’ कहते हैं। इस प्रकार 2, 4, 8, 6, 26 …….. आदि ‘सम संख्याएँ’ हैं।

विषम संख्याएँ: वे संख्याएँ जो 2 से पूर्णतः विभाजित नहीं होती हैं उन्हें ‘विषम संख्याएँ कहते हैं।

जैसे- 1, 3, 5, 11, 17, 29, 39 …….. आदि ‘विषम संख्याएँ’ हैं।

अभाज्य संख्याएँ: वे संख्याएँ जो स्वयं और 1 के अतिरिक्त अन्य किसी भी संख्या से विभाजित नहीं हो उन्हें ‘अभाज्य संख्याएँ’ कहते हैं।

जैसे- 2, 3, 7, 11, 13, 17 ………. आदि ‘अभाज्य संख्याएँ’ हैं। ‘1’ एक विशेष संख्या है जो न तो अभाज्य संख्या है और न ही भाज्य संख्या है।

भाज्य संख्याएँ: वे संख्याएँ जो स्वयं और 1 के अतिरिक्त अन्य किसी संख्या से पूर्णतः विभाजित हो जाती है तो उसे भाज्य संख्या कहते हैं।

जैसे- 4, 6, 8, 9, 10, …………

परिमेय संख्याएँ: वे संख्याएँ जिन्हें p/q के रूप में लिखा जा सके ‘परिमेय संख्याएँ’ कहलाती हैं जहाँ p और q दोनों पूर्णांक हो लेकिन q कभी शून्य न हो।

जैसे- 4, 3/4, 0 ……… आदि ‘परिमेय संख्याएँ’ हैं।

अपरिमेय संख्याएँ: वे संख्याएँ जिन्हें p/q के रूप में न लिखा जा सके अपरिमेय संख्याएँ कहलाती है। जहाँ p और q दोनों पूर्णांक हो लेकिन q कभी शून्य न हो।

जैसे-  …… आदि अपरिमेय संख्याएँ हैं।

वास्तविक संख्याएँ: वे संख्याएँ जो या तो परिमेय हैं अथवा अपरिमेय ‘वास्तविक संख्याएँ’ कहलाती हैं।

जैसे- 8, 6, 2 + , 3/5, …….. आदि वास्तविक संख्याएँ हैं।

सह-अभाज्य संख्याएँः ऐसी संख्याओं के जोड़े जिनके गुणनखण्डों में 1 के अतिरिक्त कोई भी उभयनिष्ठ गुणनखण्ड न हो उन्हें ‘सह-अभाज्य संख्याएँ’ कहते हैं। जैसे- 16, 21 में 1 के अतिरिक्त अन्य कोई उभयनिष्ठ गुणनखण्ड नहीं है।

युग्म-अभाज्य संख्याएँ: ऐसी अभाज्य संख्याएँ जिनके बीच का अंतर 2 हो ‘युग्म-अभाज्य संख्याएँ’ कहलाती हैं। जैसे- 11, 13 युग्म-अभाज्य संख्याएँ हैं।

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Exterior angle Property I Triangle property

Exterior angle Property I Triangle property An exterior angle of a triangle is equal to the sum of the opposite interior angles.

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